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Thursday, February 2, 2023

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सरस्वती माता की आरती Lyrics in Hindi: सरस्वती पूजा का संपूर्ण फल पाने के लिए आज निश्चित रूप से गायें ये आरती


सरस्वती माता की आरती Lyrics In Hindi, ओम जय सरस्वती माता की आरती, माँ शारदे कहाँ तू वीना… आज 26 जनवरी, गुरुवार को सरस्वती पूजा पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। सरस्वती माता को विद्या की देवी माना जाता है। इनका वर्णन शुक्लवर्ण, शुक्लम्बरा, वीणा-पुस्तक-धारिणी तथा श्वेतपद्मासना आदि शब्दों से किया गया है। यदि आप सरस्वती मां की पूजा कर रहे हैं तो अंत में उनकी आरती भी जरूर गाएं। यहां है मां सरस्वती की आरती के हिंदी गीत देखें और सूनें।

माँ शारदे देख तू, वीणा बजा रही है…

माँ शारदे देख तू,वीणा बजा रही है,
किस मंजू ज्ञान से तू जग को लुन रही है।।


किस भाव में भवानी, तू मग्न हो रही है,
विनती नहीं हमारी,क्यों माँ तू सुन रही है,
हम दीन बाल कब से, विनती सुन रहे हैं,
तेरे माता-पिता, हम सर झुक रहे हैं,
हम सर बहक रहे हैं, मैं सरदे कहूँ,
वीणा बजा रही हैं, किस मंजू ज्ञान से तू,
जग को लुन रहा है।।


अज्ञान तुम,माँ शीघ्र दूर कर दो,
द्रवित ज्ञान शुभ्र हम में,माँ शारदे तू भर दे,
बालक सभी जगत के,सूत माता हैं तुम्हारे,
प्राणों से प्रिय है हम,तेरे पुत्र सब दुलारे,
तेरे बेटे सब दुलारे,मां शारदे देखू,
वीणा बजा रही हैं, किस मंजू ज्ञान से तू,
जग को लुन रहा है।।


हमको दयामयी तू,ले गोद में पढ़ें,
अमृत ​​जगत का हमको,माँ शारदे पिलाओ,
मातेश्वरी तू सुन ले,सुंदर विनय हमारी,
मर्या तू हर ले,बाधा जगत की सारी,
बाधा जगत की सभी, मैं शारदे देखू,

वीणा बजा रही हैं, किस मंजू ज्ञान से तू,
जग को लुन रहा है।।

जय सरस्वती माता…

जय सरस्वती माता,
मैया जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥
जय जय सरस्वती माता…॥

चन्द्रवदनि पद्मासिनी,
द्युति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी,
अतुल तेजधारी ॥
जय जय सरस्वती माता…॥

छोड़ कर में वीणा,
सही कर दिया।
कांच मनी मणि सोहे,
गाल मोटियां माला ॥
जय जय सरस्वती माता…॥

देवी जो शरण आई,
उनकी रचनाएँ।
पति मंथरा दासी,
रावण संहार किया॥
जय जय सरस्वती माता…॥

विद्या ज्ञान प्रदायिनी,
ज्ञान प्रकाश भरो।
मोह और तिमिर का,
जग से नाश करो॥
जय जय सरस्वती माता…॥

धूप दीप फल मेवा,
स्वीकार करें।
ज्ञानचक्षु दे माता,
जग निस्तार करो॥
॥ जय सरस्वती माता…॥

माँ सरस्वती की आरती,
जो कोई जन गावे।
हितकारी सहायक,
ज्ञान भक्ति पावे॥
जय जय सरस्वती माता…॥

जय सरस्वती माता,
जय जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥

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