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Saturday, January 28, 2023

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अगर आप भी विटामिन डी डेफिशिएंसी से जूझ रहीं हैं, तो आपकी मदद कर सकते हैं ये 3 सप्लीमेंट्स


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एक अनुमान के मुताबिक दुनिया भर में लगभग एक बिलियन लोग विटामिन डी की कमी (Vitamin D Deficiency) का सामना कर रहे हैं। भारत जैसे देश में जहां ज्यादातर आबादी को साल भर धूप (Sunshine vitamin) की पर्याप्त मात्रा मिलती है, वहां भी विटामिन डी डेफिशिएंसी का आंकड़ा 490 मिलियन तक पहुंच गया है। जिनमें ज्यादा संख्या बच्चों, किशोरों और वयस्कों की है। किसी भी युवा आबादी के लिए ये आंकड़े चौंकाने वाले हो सकते हैं।

विटामिन डी न सिर्फ एक जरूरी ग्रोथ पोषक तत्व है, बल्कि ये आपके आंतरिक अंगों, जैसे आंत और गुर्दों के स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। सिर्फ इतना ही नहीं विटामिन डी की कमी कई त्वचा और मस्तिष्क संबंधी विकारों का भी कारण बन सकती है। अगर आप भी विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं, तो हेल्थ शॉट्स पर हम आपके लिए ले आए हैं 3 बेस्ट सप्लीमेंट्स (Vitamin D supplements)। जो आपको आर्थराइटिस (Arthritis), ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) जैसी गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं।

क्या हैं विटामिन डी की कमी के कारण (Vitamin D deficiency causes)

साइंटिफिक रिपाेर्ट में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार इनडोर एक्टिविटी, प्रदूषण, सन टैनिंग ऐसी समस्याएं हैं, जिनके कारण चाहते हुए भी लोग धूप का यह विटामिन (Sunshine Vitamin) पर्याप्त मात्रा में नहीं ले पाते। जिसकी वजह से उन्हें कमजाेर इम्युनिटी (Weak immunity), त्वचा पर चकत्ते (Skin rashes), कमजोर बोन्स (Weak bones), डायबिटीज (Diabetes), ओबेसिटी (Obesity) और कई बार न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। अगर आप बहुत पतले हैं और मसल्स बनाना चाहते हैं, तब भी आपके लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लेना जरूरी है।

क्या हैं विटामिन डी के स्रोत (Source of vitamin D)

यह सच है कि धूप का सबसे बड़ा स्रोत धूप है। पर उतना ही बड़ा सच यह है कि चाहते हुए भी एक बड़ी आबादी नियमित रूप से धूप नहीं ले पाती। इनमें एक बड़ी संख्या कामकाजी लोगों की है, जो दिन के आठ से दस घंटे ऑफिस में इनडाेर बिताते हैं। ऐसे में विटामिन डी की उनकी निर्भरता इसके दूसरे स्रोत यानी खानपान पर बढ़ जाती है।

विटामिन डी के दूसरे स्रोत के रूप में डेयरी प्रोडक्ट्स का नाम लिया जाता है। जबकि लेक्टोज इनटॉलरेंस लोग इसका लाभ नहीं ले पाते। जबकि अंडे का पीला भाग और मछली का तेल भी विटामिन डी के अन्य स्रोतों में शामिल हैं। उपरोक्त सभी आहार लेने से वे लोग परहेज करते हैं, जो वीगन एवं शाकाहारी हैं। इसलिए विशेषज्ञ विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं।

विटामिन डी सप्लीमेंट्स (Vitamin D supplements)

जब आप विभिन्न कारणों से प्राकृतिक रूप से पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी नहीं ले पाते, तब विशेषज्ञ विटामिन डी सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। आहार विशेषज्ञ अथवा हेल्थ एक्सपर्ट की सुझायी नियमित विटामिन डी मात्रा को पूरा करने में ये सप्लीमेंट्स आपकी मदद कर सकते हैं। पर सवाल उठता है कि बाजार में जब तरह-तरह के सप्लीमेंट्स मौजूद हैं, तब आप यह कैसे तय करेंगे कि कौन सा सप्लीमेंट आपके शरीर के लिए जरूरी विटामिन डी की आपूर्ति कर पाएगा।

1 मेल्ट्स (Melts Wellbeing nutrition : Mini Natural Vitamin D3) 531 रुपये मात्र

वेल बीइंग न्यूट्रीशन मिनी नेचुरल विटामिन डी मेल्ट्स भारत का पहली 100 % प्लांट बेस्ड वीगन उत्पाद है। इसके लिए लाइकेन से विटामिन डी 3 (D3) और काबुली चने से के 2 (K2) एक्स्ट्रेक्ट लिए गए हैं। ताकि बिना पशु उत्पादों पर निर्भर किए आपको हेल्दी बोन्स और बेहतर इम्युनिटी मिल सके। अगर आप बार-बार बीमार पड़ती हैं या आपका मूड आजकल ज्यादा चिड़चिड़ा हो गया है, तो आपको मेल्ट्स जरूरी ट्राई करनी चाहिए। बाजार में उपलब्ध अन्य विटामिन डी सप्लीमेंट्स गमीज और टेबलेट्स की तुलना में यह इसलिए भी बेहतर हैं क्योंकि इनमें जीराे शुगर है।

ये स्ट्रिप्स में उपलब्ध हैं, जिन्हें आप अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श के बाद कभी भी शुरू कर सकती हैं। इन्हें लेने का तरीका भी बेहद आसान है। ब्रेकफास्ट के बाद आपको बस एक छोटी सी स्ट्रिप को अपनी जीभ पर लगा लेना है। जैसे-जैसे ये घुलेगी आपकी विटामिन डी की दैनिक आवश्यक की आपूर्ति होगी। इसमें न ही कोई प्रीजर्वेटिव है और न ही ग्लूटन का इस्तेमाल किया गया है।

2 स्विस वीगन कैल्शियम +विटामिन डी (Swisse Vegan Calcium + Vitamin D) 809 रुपये मात्र

स्विस अल्टीबूस्ट वीगन टेबलेट्स में कैल्शियम, विटामिन डी 3 और लाइसिन मौजूद हैं। विटामिन डी के प्लांट बेस्ड सोर्स एल्गी से इसके लिए विटामिन डी एस्ट्रेक्ट किया गया है। यह विटामिन डी का शुद्धतम स्रोत है, जिसमें न तो किसी तरह की मिलावट की जा सकती है और न ही कोई टॉक्सिंस शामिल होते हैं। इसलिए शाकाहारी या वीगन्स भी बेझिझक इन टेबलेट्स (Vitamin D supplements) को ले सकते हैं। ये हाइपरकैल्शिमिया से निपटने में आपकी मदद कर सकते हैं।

हाइपरकैल्शिमिया वह स्थिति है जब व्यक्ति में लंबे समय तक कैल्शियम की कमी रहती है। शोध बताते हैं कि कैल्शियम, जिंक और मैग्नीशियम को एक साथ लेने से स्केलेटल सिस्टम को मजबूत किया जा सकता है। स्विस अल्टीबूस्ट आस्ट्रेलिया का नंबर वन ब्रांड है। अगर आप विटामिन डी के साथ कैल्शियम और लाइसिन भी लेना चाहते हैं, तब स्विस अल्टीबूस्ट आपके लिए परफेक्ट है।

3 स्विस अल्टीबूस्ट मैग्नीशियम, कैल्शियम + डी 3 (Swisse Magnesium, Calcium + D3) 872 रुपये मात्र

ये विटामिन डी, मैग्नीशियम और कैल्शियम का थ्री इन वन कॉम्बिनेशन है। जो बोन हेल्थ और मसल रिकवरी के लिए परफेक्ट हैं। इसके एक पैक में आपको 60 टेबलेट्स मिलती हैं। यानी अगर आपके लिए प्रतिदिन एक टेबलेट की दैनिक खुराक सुझायी गई है, तो यह छोटा पैक दो महीने की आपकी विटामिन डी की जरूरत पूरी कर सकता है। सिर्फ विटामिन डी  (Vitamin D supplements) ही नहीं नहीं, बल्कि इसमें बेहतर एब्जॉरब्शन में मदद करने के लिए कैल्शियम और मैग्नीशियम भी मौजूद है।

बहुत सारे शोधों में यह सामने आया है कि बोन हेल्थ के लिए कोई एक पोषक तत्व अकेले काम नहीं कर सकता। बेहतर ज्वॉइंट और बोन हेल्थ के लिए आपको विटामिन डी के साथ कैल्शियम और मैग्नीशियम लेने की भी जरूरत होती है। ऐसे में स्विस अल्टीबूस्ट का ये कॉम्बिनेशन आपको एक ही टेबलेट में तीनों पोषक तत्वों की आपूर्ति करता है। ताकि आपकी इम्युनिटी, मसल्स और बोन हेल्थ में सुधार हो सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार आप प्रतिदिन एक टेबलैट ले सकते हैं। जिससे आप बार-बार बीमार नहीं पड़ेंगी और एनर्जी का लेवल भी मेंटेन रहेगा।

यह भी पढ़ें – विटामिन डी की कमी बढ़ा सकती है खराब कोलेस्ट्रॉल और हार्ट डिजीज का जोखिम, यहां जानिए कैसे



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