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Saturday, January 28, 2023

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नेपाल में दुर्घटनाग्रस्त विमान ‘यती एयरलाइंस’ के मिले दोनों ‘ब्लैक बॉक्स’, अब खुलेगा हादसे का राज


काठमांडू : नेपाल में रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए यती एयरलाइंस के विमान के दोनों ब्लैक बॉक्स सोमवार को बरामद कर लिये गए हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि इन दोनों ब्लैक बॉक्स के मिलने के बाद इस भीषण विमान हादसे का राज जल्द ही खुल जाएगा. समाचार एजेंसी भाषा की एक खबर के अनुसार, रविवार को एटीआर-72 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें चालक दल के चार सदस्यों समेत 72 लोग सवार थे. इनमें 68 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है और अन्य चार की तलाश जारी है. हिमालयी राष्ट्र में पिछले 30 से अधिक वर्षों में हुआ यह सबसे घातक विमान हादसा है.

सीएएएन को सौंपे गए ब्लैक बॉक्स

‘यति एयरलाइंस’ के प्रवक्ता सुदर्शन बारतौला ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान के ‘ब्लैक बॉक्स’ मौके से बरामद कर लिये गए हैं. उन्हें नेपाल के नागर विमानन प्राधिकरण (सीएएएन) के हवाले कर दिया गया है. काठमांडू हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ‘यति एयरलाइंस’ के विमान के दोनों ‘ब्लैक बॉक्स’ बरामद हो गए हैं. नेपाल के नागर विमानन प्राधिकरण (सीएएएन) के अनुसार, के 9एन-एएनसी एटीआर-72 विमान ने पूर्वाह्न 10 बजकर 33 मिनट पर काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी. पोखरा हवाई अड्डे पर उतरते वक्त विमान पुराने हवाई अड्डे और नए हवाई अड्डे के बीच सेती नदी के तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

तलाश अभियान दोबारा शुरू

मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि खोज एवं बचाव दल ने सोमवार को फिर तलाश अभियान शुरू किया. ‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर’ और विमान ‘डेटा रिकॉर्डर’ दोनों आज बरामद कर लिए गए. उन्होंने बताया कि शवों के पोस्ट मार्टम की तैयारी पूरी कर ली गई है. काठमांडू के त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल से एक चिकित्सकीय दल को हवाई मार्ग से पोखरा लाया जा रहा है. उनके पोखरा पहुंचते ही वहां स्थित पश्चिमी क्षेत्रीय अस्पताल में पोस्ट मार्टम किए जाएंगे.

कैसे काम करता है ब्लैक बॉक्स

ब्लैक बॉक्स एक ऐसा डिवाइस है जो एयरक्राफ्ट में होता है. ये एयरक्राफ्ट और फ्लाइट पैरामीटर्स की परफॉर्मेंस को रिकॉर्ड करता है. इसमें कई फैक्टर्स रिकॉर्ड होते हैं. ये एयरस्पीड, अल्टीट्यूड. वर्टिकल एक्सलेरेशन और फ्यूल फ्लो को रिकॉर्ड करता है. इसमें दो कंपोनेंट्स होते हैं. एक कंपोनेंट फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) और एक कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) होता है. सीवीआर कॉकपिट में हुए बातचीत को रिकॉर्ड करता है. इसमें पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ हुई बातचीत को रिकॉर्ड किया जाता है. हालांकि, सीवीआर में केवल 2 घंटे की कॉकपिट रिकॉर्डिंग होती है. एक फिक्स टाइम के साथ इसको नए डेटा के साथ रिप्लेस कर दिया जाता है, जबकि एफडीआर में 25 घंटे तक का फ्लाइट डेटा स्टोर होता है.



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